पलामू में भीषण गर्मी का कहर: प्यास से भटककर आबादी में पहुँचा हिरणों का झुंड, कुत्तों के हमले में एक की मौत


झारखंड के पलामू जिले में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी अब वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। मेदिनीनगर के छतरपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय एक हृदयविदारक घटना घटी जब भीषण गर्मी और प्यास से व्याकुल होकर करीब 10-12 हिरणों का एक झुंड जंगल से भटककर शहरी आबादी वाले इलाके में पहुँच गया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरणों का यह झुंड छतरपुर उच्च विद्यालय के मैदान में देखा गया था, जहाँ से भटककर एक हिरण सोनार मोहल्ला की ओर निकल गया। इसी दौरान आवारा कुत्तों के एक समूह ने अकेले पड़े हिरण पर हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया, जिससे गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुँचकर मृत हिरण के शव को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मृत हिरण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रभारी वनपाल लक्ष्मीकांत पांडेय के अनुसार, प्राथमिक दृष्टि में हिरण की मृत्यु कुत्तों के हमले की वजह से हुई प्रतीत होती है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की सटीक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। विभाग ने आश्वासन दिया है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि पलामू में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है, जिसके कारण जंगली जानवरों के लिए प्राकृतिक जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। वन विभाग का दावा है कि पूर्वी वन क्षेत्र में जानवरों के लिए 15 कृत्रिम नाले और चेक डैम बनवाए गए हैं ताकि उन्हें पानी की कमी न हो, लेकिन चिलचिलाती धूप में पानी की तलाश जानवरों को इंसानी बस्तियों तक खींच ला रही है। गर्मियों के मौसम में अक्सर पानी और चारे के अभाव में जंगली जानवर अपना प्राकृतिक आवास छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे न केवल उनके जीवन पर संकट बढ़ जाता है बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं।

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