मेदिनीनगर के चिकित्सा जगत और सामाजिक क्षेत्र के लिए आज का दिन एक अपूरणीय क्षति लेकर आया है। पलामू जिले के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित चिकित्सकों में शुमार डॉ. विश्वनाथ ओझा के आकस्मिक निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। जैसे ही उनके देहावसान की सूचना सार्वजनिक हुई, जिले के सामाजिक, राजनीतिक और विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों में भारी दुख व्याप्त हो गया। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने न केवल बीमारियों का इलाज किया, बल्कि अपने मानवीय दृष्टिकोण से हजारों दिलों को भी जीता।
डॉ. ओझा का जीवन चिकित्सा सेवा के प्रति अटूट समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण रहा है। दशकों तक सक्रिय रहते हुए उन्होंने हजारों मरीजों को नया जीवन प्रदान किया और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्हें उनकी सहज सरलता, विनम्रता और मिलनसार व्यवहार के लिए सदैव याद किया जाएगा। मरीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और निस्वार्थ भाव उन्हें अन्य चिकित्सकों से अलग खड़ा करता था। विशेष रूप से समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए वे हमेशा एक मसीहा के रूप में सहायक बने रहे, जिसके फलस्वरूप समाज के हर वर्ग में उन्हें अपार सम्मान और स्नेह प्राप्त था।
उनके निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने वाले लोगों का तांता लग गया। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों, साथी चिकित्सकों और स्थानीय नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शोक सभा में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि डॉ. ओझा का जाना चिकित्सा जगत के लिए एक ऐसा खालीपन है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। पूरा पलामू इस कठिन समय में उनके शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता है।
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