झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) से जुड़े दो सक्रिय नक्सलियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए नक्सलियों की पहचान लातेहार निवासी महादेव सिंह और पलामू जिले के पांकी निवासी मनोज लोहरा के रूप में हुई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इलाके में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को समय रहते टाल दिया है।
दरअसल, लातेहार के पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि कुरुमखेता के घने जंगलों में नक्सली किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए मणिका थाना प्रभारी प्रभात दास और यकीन अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने पेशेवर रणनीति के साथ कुरुमखेता जंगल में घेराबंदी कर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों नक्सलियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी में नक्सलियों के पास से घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है, जिसमें एक अत्याधुनिक AK-47 राइफल, दो SLR राइफल और 318 जिंदा कारतूस समेत अन्य आपत्तिजनक सामान शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पकड़े गए दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया है कि वे JJMP संगठन के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस के अनुसार ये नक्सली इलाके में लेवी (अवैध वसूली) और रंगदारी वसूलने के इरादे से सक्रिय थे और किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे थे।
एसपी कुमार गौरव ने इस सफलता के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि नक्सलवाद की राह पर चलने वालों के लिए अब आत्मसमर्पण ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लौटने की तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस का कड़ा अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा। गौरतलब है कि लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में कभी JJMP का काफी दबदबा था, लेकिन निरंतर पुलिसिया दबाव और सफल अभियानों के कारण अब यह संगठन काफी कमजोर हो चुका है। पुलिस की इस ताजा कार्रवाई ने बचे-खुचे नक्सलियों के संगठन को फिर से सक्रिय करने के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
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