लातेहार: पलामू प्रमंडल के नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) के अंतर्गत आने वाले महिला कॉलेज धरमपुर लातेहार डिग्री कॉलेज में इन दिनों छात्र-छात्राएं नारकीय स्थितियों में परीक्षा देने को विवश हैं। क्षेत्र में पारा 43°C के पार पहुँच चुका है, लेकिन परीक्षा केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद परीक्षा हॉल में न तो बिजली की समुचित व्यवस्था है और न ही पंखों का प्रबंध किया गया है, जिसके कारण छात्रों को पसीने से तर-बतर होकर पेपर लिखना पड़ रहा है। पेयजल की सुचारु व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका गहरा गई है।
इस अव्यवस्था के बीच कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र के सुप्रिटेंडेंट सह प्रभारी प्राचार्य पिछले दो दिनों से विश्वविद्यालय के कार्यों का हवाला देकर कॉलेज से नदारद हैं। उनकी अनुपस्थिति में पूरी परीक्षा व्यवस्था कथित तौर पर एक 'गोल्ड मेडलिस्ट' के भरोसे छोड़ दी गई है, जो प्रशासनिक अनुभव की कमी के कारण विधि-व्यवस्था संभालने में असहज नजर आ रहे हैं। कॉलेज नेतृत्व की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से न केवल छात्र परेशान हैं, बल्कि निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा संचालन पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
छात्र संगठन NSUI ने इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि एयरकंडीशंड कमरों से बाहर निकलकर उन्हें जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। NSUI नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय जॉइन करते समय छात्रों से जो वादे किए गए थे, वे वर्तमान स्थिति में खोखले साबित हो रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना कोई दया नहीं बल्कि छात्रों का अधिकार है। उन्होंने कुलपति से अविलंब इस मामले में संज्ञान लेने और परीक्षा केंद्र पर बिजली, पानी व पंखों की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि छात्र बिना किसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के अपनी परीक्षा संपन्न कर सकें।
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