NPU प्रशासन के खिलाफ भड़का NSUI: जीएलए और जेएस कॉलेज में आर्ट्स की पढ़ाई बंद होने पर ऋषु दुबे ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी


नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) प्रशासन द्वारा जीएलए कॉलेज और जेएस कॉलेज में कला संकाय (Arts Faculty) की पढ़ाई बंद करने के हालिया निर्णय ने तूल पकड़ लिया है। इस फैसले के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसे छात्र हितों पर सीधा हमला करार दिया है। एनएसयूआई के जीएलए कॉलेज अध्यक्ष ऋषु दुबे ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए स्पष्ट किया है कि संगठन छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा और इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।

ऋषु दुबे ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कला संकाय को बंद करने का यह निर्णय विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा अन्याय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन कॉलेजों में कला संकाय के अंतर्गत हजारों विद्यार्थी अपनी शिक्षा ग्रहण करते हैं, जिनके पास निजी संस्थानों में जाने का आर्थिक विकल्प नहीं है। प्रशासन के इस अदूरदर्शी फैसले से न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता प्रभावित होगी, बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं का भविष्य भी दांव पर लग जाएगा।

छात्र नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो एनएसयूआई सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगी। उन्होंने अपनी रणनीति साझा करते हुए बताया कि आने वाले दिनों में संगठन चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगा, जिसमें धरना-प्रदर्शन से लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव तक शामिल है। ऋषु दुबे ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि विद्यार्थियों की भावनाओं और उनके सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस तुगलकी फरमान को अविलंब रद्द किया जाए, अन्यथा विश्वविद्यालय परिसर से लेकर सड़क तक एक व्यापक जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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