पलामू में बिजली-पानी के संकट पर भाजपा का हल्लाबोल: राज्य सरकार के खिलाफ फूटा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी


मेदिनीनगर: झारखंड में गहराते बिजली और पानी के संकट ने अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की वर्तमान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पलामू जिला मुख्यालय में एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को 'कुंभकर्णी निद्रा' करार देते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, जबकि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में व्यस्त है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और नेता प्रतिपक्ष श्री अमर बाउरी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जनता बिजली और पानी जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि राजधानी में रोजाना 10 से 12 घंटे बिजली गुल रहती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बाउरी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है, जिसके कारण हत्या, अपहरण और फिरौती जैसे अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।

बिजली संकट और 'नल-जल योजना' की विफलता पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि 200 यूनिट फ्री बिजली का वादा केवल एक दिखावा बनकर रह गया है और स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता को भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा जल आपूर्ति के लिए आवंटित 12,982 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग न कर पाने के कारण झारखंड देश में नीचे से दूसरे पायदान पर पहुँच गया है। जामताड़ा जैसे जिलों में योजना की जमीनी स्थिति केवल 1% तक ही सीमित है, जो राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव का उल्लेख करते हुए भाजपा नेताओं ने रांची सदर अस्पताल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पानी की कमी के कारण मरीजों की भर्ती प्रभावित हो रही है और गर्भवती महिलाओं के महत्वपूर्ण ऑपरेशन रुक गए हैं। भाजपा ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, बढ़े हुए दाम वापस लिए जाएं और राज्य भर में बंद पड़े 80 हजार चापाकालों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही, पाइपलाइन बिछाए गए क्षेत्रों में तुरंत जलापूर्ति शुरू करने और अस्पतालों एवं छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने की मांग भी की गई है।

इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया और जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और भी उग्र होगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज भुइयां और नरेंद्र पांडेय सहित भारी संख्या में मंडल अध्यक्ष एवं स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

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