झारखंड के पलामू जिले में स्थित सोना नर्सिंग होम एक बड़े विवाद का अखाड़ा बन गया है। यहाँ अस्पताल के पूर्व डॉक्टरों और मौजूद कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट और हंगामे की खबर सामने आई है। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में मरीजों के सामने ही गाली-गलौज और हाथापाई शुरू हो गई। फिलहाल, यह पूरा मामला स्थानीय पुलिस थाने तक पहुंच गया है और प्रशासन घटना की जांच में जुट गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और उसके बाद प्रबंधन द्वारा की गई एक नई नियुक्ति से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि सोना नर्सिंग होम में कार्यरत डॉ. राकेश कुमार और डॉ. प्रिया सिन्हा पिछले पंद्रह दिनों से अस्पताल में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे थे। डॉक्टरों की इस लंबी गैरहाजिरी को देखते हुए और मरीजों के सुचारू इलाज को सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एक जरूरी कदम उठाया। प्रबंधन ने उनकी जगह पर अस्पताल में किसी दूसरे डॉक्टर की तत्काल नियुक्ति कर दी ताकि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी कीमत पर बाधित न हों।
प्रबंधन का यह फैसला डॉ. राकेश कुमार और डॉ. प्रिया सिन्हा को बिल्कुल रास नहीं आया और इसी बात ने विवाद को जन्म दे दिया। नई नियुक्ति की बात पता चलते ही दोनों डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और भारी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों की परवाह किए बिना ही अस्पताल के स्टाफ के साथ तीखी बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते यह बहस भयंकर गाली-गलौज में तब्दील हो गई और स्थिति पूरी तरह से बेकाबू हो गई।
अस्पताल परिसर के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच नौबत हाथापाई तक आ गई, जिससे वहां इलाज कराने आए लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। एक चिकित्सा संस्थान जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह के हिंसक बर्ताव ने सबको हैरान कर दिया है। मारपीट और हंगामे की स्थिति को बिगड़ता देख मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अब यह हाई-वोल्टेज ड्रामा थाने पहुंच चुका है, जहाँ पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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