मेदिनीनगर । शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी कहानी किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है। एक 'सुपारी किलर' जिसे हत्या के लिए पैसे मिले थे, वो खुद अपने ही शिकार का शिकार बनने वाला था! पुलिस ने इस गैंगवार को नाकाम करते हुए हथियारों के जखीरे के साथ 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
शिकारी ही बन गया शिकार: क्या है पूरा मामला?
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के पूर्व खलीफा शहरीयार अली ने पहाड़ी मोहल्ले के एक जमीन विवाद के चलते सद्दाम कुरैशी की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए उसने आनंद कुमार रवि नाम के अपराधी को 5 लाख रुपये की 'सुपारी' दी थी।
कहानी में ट्विस्ट तब आया जब सद्दाम को अपनी ही हत्या की इस प्लानिंग की भनक लग गई। इससे पहले कि आनंद (सुपारी किलर) अपनी साजिश को अंजाम देता, सद्दाम अपने साथियों के साथ भट्टी मोहल्ला पहुंच गया। वहां उन्होंने आनंद की जमकर पिटाई की और उसे अगवा (किडनैप) करने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर भीड़ जुट गई, जिससे आनंद की जान बच गई।
पुलिस का एक्शन: स्कार्पियो से भागते हुए धरे गए अपराधी
एसपी रीष्मा रमेशन के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली कि अपराधी शहर छोड़ने की फिराक में हैं।
• गिरफ्तारी : मंगलवार रात पौने ग्यारह बजे, पुलिस ने बिस्फुटा चौक स्थित रेलवे अंडरपास के पास घेराबंदी की। एक स्कार्पियो में भाग रहे 8 अपराधियों को मौके से दबोच लिया गया। गोली चलवाने वाले मास्टरमाइंड पूर्व खलीफा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
• बरामद हथियार : तलाशी के दौरान इनके पास से 1 देशी पिस्टल, 1 देशी कट्टा और 15 जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं।
• गिरफ्तार अपराधियों के नाम : सद्दाम कुरैशी, वसीम अहमद (बंटी कालिया), छोटू चंद्रवंशी, रौशन चंद्रवंशी, किशु गुप्ता, रितेश चंद्रवंशी (मामा), वसीम अकरम और सूरज चंद्रवंशी। सभी शहर के ही रहने वाले हैं।
पुरानी दुश्मनी और खूनी इतिहास
इस पूरे विवाद की जड़ पहाड़ी मोहल्ले की एक जमीन है, जिस पर कब्जे को लेकर सद्दाम और शहरीयार के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है:
• सद्दाम का क्रिमिनल रिकॉर्ड: सद्दाम फरवरी 2024 में सिद्दीक चौक पर हुए 'नमिता देवी हत्याकांड' का मुख्य आरोपी रहा है और जेल भी जा चुका है। 16 महीने पहले भी शहरीयार के ही इशारे पर सद्दाम के घर में घुसकर उसे गोली मारी गई थी (गोली बांह में लगी थी, जिससे वह बच गया था)।
• सुपारी किलर आनंद का रिकॉर्ड: सद्दाम की सुपारी लेने वाला आनंद भी कोई नौसिखिया नहीं है। वह वर्ष 2017 के एक हत्याकांड में शामिल था और पूरे 6 साल जेल में गुजार कर बाहर आया था।
• सार: एक जमीन के टुकड़े ने मेदिनीनगर में वर्चस्व की ऐसी लड़ाई छेड़ दी है जिसमें सुपारी किलर, किडनैपिंग और अवैध हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल हुआ। पुलिस की मुस्तैदी से शहर में एक बड़ी गैंगवार होने से टल गई है।
एक टिप्पणी भेजें