रामनवमी: भगवान राम के आदर्शों और सामाजिक एकता का प्रतीक है यह पर्व – सुजीत दुबे


गढ़वा: सदर प्रखंड के लालीमाटी लोटो-सोह में रामनवमी के पावन अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को समाज में भाईचारे और आपसी मेलजोल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भव्य भंडारे का आयोजन और सम्मान समारोह

इस भव्य भंडारे का उद्घाटन गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के युवा समाजसेवी सुजीत दुबे उर्फ रिशु दुबे ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य आकर्षण विभिन्न अखाड़ों और जुलूस कमेटियों के सदस्यों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर सुजीत दुबे ने एक दर्जन से अधिक गाँवों से आए अखाड़ों और कमेटियों के पदाधिकारियों व सदस्यों को तलवार और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

सामाजिक एकता पर जोर

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुजीत दुबे ने कहा कि रामनवमी का पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने भगवान राम के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा:
> "रामनवमी हमें भगवान राम की शिक्षाओं और उनके महान आदर्शों की याद दिलाती है। हमें अपने जीवन में सच्चाई, आदर्श और भाईचारे की भावना को हमेशा जीवित रखना चाहिए।"
> सांस्कृतिक और क्षेत्रीय समृद्धि
उन्होंने इस तरह के आयोजनों को क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए अनिवार्य बताया। भंडारे में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने एकजुट होकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आपसी सहयोग की भावना और प्रबल हुई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और कई समाजसेवी भी मौजूद थे, जिन्होंने आयोजन की सफलता पर खुशी व्यक्त की।

आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक भव्य रूप में आयोजित करने का संकल्प लिया है ताकि समाज के हर वर्ग के बीच एकजुटता बनी रहे।


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