बलियापुर हिंसा: 18 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने सड़क पर निकाला जुलूस; क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति


बलियापुर: रामनवमी के पावन अवसर पर बलियापुर में हुई हिंसक झड़प और पत्थरबाजी के बाद पुलिस प्रशासन अब एक्शन मोड में है। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 18 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

दहशत का माहौल और पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में भारी डर और सहम का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और उपद्रवियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बलियापुर बाजार और भिखराजपुर के इलाकों में पैदल घुमाया (परेड कराई)।
मुख्य बिंदु:
 * कुल गिरफ्तारी: 18 लोग (दोनों पक्षों से)।
 * नामजद आरोपी: पुलिस ने इस मामले में 40 से 50 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है।
 * कानूनी धाराएं: सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव के अनुसार, आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत जेल भेजा गया है।

बाजारों में पसरा सन्नाटा
हिंसा का सीधा असर जनजीवन पर देखने को मिला है। शनिवार को लगने वाली बलियापुर की साप्ताहिक हटिया (बाजार) इस तनाव के चलते नहीं लगी। सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही और अधिकांश दुकानें बंद रहीं। पूरे क्षेत्र में एक अजीब सी खामोशी और सन्नाटा पसरा हुआ है।

प्रशासनिक मुस्तैदी

हालात का जायजा लेने के लिए जिले के आला अधिकारी जमीन पर उतर आए हैं। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने शुक्रवार देर रात खुद बलियापुर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए:
 * भिखराजपुर और बलियापुर बाजार जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है।
 * पुलिस की टीमें लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) कर रही हैं।
 * फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इस दौरान मौके पर एसडीएम लोकेश बारंगे, एडीएम (विधि-व्यवस्था) हेमा प्रसाद और डीएसपी शंकर कामती सहित कई अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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