मेदिनीनगर (पलामू): पलामू प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने शुक्रवार को राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) की समीक्षा के दौरान अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमंडल के तीनों जिलों—पलामू, लातेहार और गढ़वा—के राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति रही।
लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान आयुक्त ने जिलेवार टैक्स कलेक्शन, लंबित मामलों, भू-राजस्व, लगान और खनन मद से प्राप्त आय की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले अब तक की गई वसूली का ब्यौरा पेश किया।
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
समीक्षा में पाया गया कि कई विभागों में राजस्व वसूली की गति अपेक्षित स्तर से काफी कम है। इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर कुमुद सहाय ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब है, ऐसे में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा:
"राजस्व संग्रहण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सभी विभाग आपसी तालमेल बिठाएं और लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा करें।"
दिए गए प्रमुख निर्देश
* नियमित मॉनिटरिंग: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे वसूली की दैनिक और साप्ताहिक निगरानी करें।
* बकाये की वसूली: खनन, बिजली और उत्पाद विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने को कहा गया।
* समय सीमा: वित्तीय वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त के सचिव विजय वर्मा के अलावा तीनों जिलों के अपर समाहर्ता (AC), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), खनन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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