मेदिनीनगर (पलामू): आगामी रामनवमी, ईद-उल-फितर और सरहुल पर्व को देखते हुए पलामू जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बुधवार को स्थानीय पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन में उपायुक्त समीरा एस और पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ त्योहारों को शांतिपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उत्सव खुशियां बांटने का अवसर हैं और इसमें किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त समीरा एस ने बैठक को संबोधित करते हुए आमजनों से संयमित और अनुशासित तरीके से त्योहार मनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात रहेंगे। उपायुक्त ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और एआई (AI) जनरेटेड फर्जी वीडियो के प्रति सचेत रहने की सलाह दी। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना सत्यापन के कोई भी वीडियो या सूचना साझा न करें और अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को भी सक्रिय रहने को कहा गया है।
पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने कानून-व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 400 से अधिक रामनवमी अखाड़ों और 250 से अधिक ईद नमाज स्थलों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड और चौकीदारों की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा। एसपी ने अखाड़ा समितियों से अपील की कि वे निर्धारित मार्गों का ही पालन करें और जुलूस के दौरान भड़काऊ गाने या तेज आवाज में डीजे का प्रयोग न करें। बैठक में नगर निगम को पेयजल, सफाई, लाइट और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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