झारखंड के चतरा जिले से एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के एक जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिला ओपी पिकेट की है। मृतक जवान की पहचान प्रह्लाद सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के देवघर जिले के रहने वाले थे। मंगलवार रात करीब 10 बजे, जब वे अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्होंने अपनी सर्विस राइफल से खुद पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनते ही कैंप में हड़कंप मच गया और जब तक साथी जवान मौके पर पहुँचे, प्रह्लाद सिंह की मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल और एसएसबी के कमांडेंट तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया है। साथ ही, जवान के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभावित पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस और एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी जवान के सहकर्मियों और साथियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि क्या वह किसी मानसिक तनाव या पारिवारिक समस्या से जूझ रहे थे। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि ड्यूटी के दौरान ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
झारखंड में सुरक्षाबलों द्वारा आत्महत्या का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अक्टूबर 2025 में राजधानी रांची के धुर्वा स्थित विस्थापित कॉलोनी में झारखंड आर्म्ड फोर्स-2 (JAP-2) के एक जवान शिव पूजन रजवार ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले सुरक्षाबलों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। फिलहाल पूरा महकमा जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि इस दुखद अंत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
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