मेदिनीनगर: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई इन शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों से अस्पताल में अनैतिक रूप से पैसों की मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पलामू उपायुक्त (DC) को तत्काल इस पूरे प्रकरण की जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब जनता के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने केवल पलामू ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का औचक निरीक्षण और ऑडिट करने का आदेश भी जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और ऐसे किसी भी कृत्य पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए जो मरीजों और उनके परिजनों को प्रताड़ित करता हो। प्रशासन की इस सक्रियता के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और पांकी CHC में हुई वसूली के मामले में संलिप्त कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और आम जनता का विश्वास सरकारी तंत्र पर मजबूत करना है।
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