मेदिनीनगर, पलामू: शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में मेदिनीनगर नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026' को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब मेदिनीनगर के नागरिकों को अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर ही निगम की कचरा संग्रहण गाड़ियों को सौंपना होगा। निगम प्रशासन ने कचरे के बेहतर निपटान के लिए रंगों का एक विशिष्ट फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें हरे डिब्बे का उपयोग गीले कचरे जैसे फल-सब्जी के छिलकों और बचे हुए भोजन के लिए किया जाएगा, जबकि नीले डिब्बे में सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज और कांच रखा जाएगा। इसके अलावा, व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े सैनिटरी कचरे के लिए लाल डिब्बे और खतरनाक ई-वेस्ट या बैटरी जैसे कचरे के लिए पीले डिब्बे का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
नगर निगम इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है और अब कचरा संग्रहण की निगरानी के लिए आधुनिक डिजिटल मॉनिटरिंग तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी नागरिक कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करके नहीं देंगे, उन पर प्रशासन द्वारा सख्त आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। निगम के अधिकारियों ने "स्वच्छ मेदिनीनगर, स्वस्थ मेदिनीनगर" का नारा देते हुए आम जनता से इस नई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि कचरे का स्रोत पर ही वर्गीकरण करने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
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