पलामू के हुसैनाबाद में मुखिया पति की गिरफ्तारी पर भारी हंगामा, पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, बड़े आंदोलन की चेतावनी


पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी के पति अजय राजवंशी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में भारी बवाल मच गया है। यह विवाद अब केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे में तब्दील हो गया है। बुधवार को हुसैनाबाद प्रखंड मुखिया संघ की हुई एक विशेष बैठक में मुखिया पति की गिरफ्तारी और पुलिस प्रशासन के कथित दुर्व्यवहार को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। मुखिया संघ ने इस पूरी घटना को जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जोरदार मांग उठाई है।

इस पूरे विवाद की जड़ में कुर्मीपुर पंचायत में चल रहा कथित अवैध खनन है। मुखिया संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण लंबे समय से इस अवैध खनन के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, प्रशासन को पहले भी कई बार इस संबंध में लिखित शिकायतें दी गई थीं, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों को मजबूर होकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठना पड़ा। बैठक के दौरान संघ के अध्यक्ष श्रवण राम और सचिव अमरेंद्र कुमार ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि टेंट लगाकर बैठे दर्जनों लोगों पर रंगदारी का आरोप लगाना पूरी तरह से अन्याय है। संघ ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर माइंस संचालक और थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक व्यापक आंदोलन करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री का घेराव भी शामिल होगा।

कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने आवेदन में उन्होंने बताया कि बीते 26 मई को थाना प्रभारी चंदन कुमार पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और वहां शांतिपूर्ण तरीके से मौजूद लोगों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि पुलिस ने धरना स्थल से कुर्सियां और साउंड सिस्टम हटा दिए और जब इसका विरोध किया गया, तो उनके पति अजय राजवंशी समेत अन्य ग्रामीणों को हिरासत में लेकर सीधे जेल भेज दिया गया। मुखिया का यहां तक आरोप है कि जब वह थाने में अपने पति से मिलने गईं, तो उन्हें मिलने तक नहीं दिया गया और उनके साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया।

इस घटना के बाद से हुसैनाबाद प्रखंड में राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है। मुखिया संघ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें माइंस संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर यह विवाद चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस तनावपूर्ण स्थिति को संभालने के लिए अगला क्या कदम उठाता है।

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