भीषण गर्मी में बिजली-पानी संकट पर वित्त मंत्री सख्त, अनावश्यक पावर कट पर अधिकारियों को दी चेतावनी


पलामू जिले में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य के वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना एवं विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को पलामू समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में विद्युत व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करना था। बैठक में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार सहित विद्युत विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरीय अभियंता, महाप्रबंधक (जीएम) तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री महोदय ने अधिकारियों को आम जनमानस की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया है।

बैठक के दौरान मंत्री श्री किशोर ने स्पष्ट किया कि पलामू जिले में राज्य में सबसे अधिक गर्मी पड़ती है, ऐसे में लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विद्युत विभाग को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में अनावश्यक बिजली कटौती किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान विद्युत विभाग के जीएम सह मुख्य अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 250 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि आपूर्ति केवल 186 मेगावाट ही हो पा रही है। इस 64 मेगावाट की भारी कमी को देखते हुए मंत्री महोदय ने व्यस्ततम समय (पीक आवर) में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और गर्मी के दौरान लोड प्रबंधन को बेहतर करने के कड़े निर्देश दिए। छतरपुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक इकाइयों की तुलना में घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य की मांग के अनुरूप विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।

बिजली के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था पर भी मंत्री महोदय ने विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए जिले में संचालित और खराब पड़े चापाकलों की स्थिति एवं तकनीकी खराबियों की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खराब चापाकलों की मरम्मत के कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए और उन क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाए जहां पेयजल का संकट सबसे अधिक गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक बताया गया। राहगीरों और आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, मुख्य बाजारों और बस पड़ावों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस पर उपायुक्त (डीसी) ने आश्वस्त किया कि यह कार्य प्रशासन द्वारा लगातार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बैठक में नए चापाकलों को लगाने, वर्तमान जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति और खराब जलमीनारों के संचालन की स्थिति पर भी व्यापक चर्चा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

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