नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की लापरवाही से BCA छात्रों का भविष्य दांव पर, NSUI ने आंदोलन की दी चेतावनी


मेदिनीनगर: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की लचर कार्यशैली एक बार फिर विवादों के घेरे में है, जिससे सैकड़ों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। विश्वविद्यालय की इस अव्यवस्था के खिलाफ एनएसयूआई (NSUI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। ताजा मामला बीसीए (BCA) वोकेशनल सत्र 2025-28 और 2024-27 से जुड़ा है, जहां एक तरफ नामांकन के एक साल बीत जाने के बाद भी परीक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं, वहीं दूसरी ओर पुरानी परीक्षाओं के परिणाम महीनों से लंबित हैं। इस स्थिति ने छात्रों के बीच भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसके विरोध में छात्र संगठन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

जीएलए कॉलेज के एनएसयूआई अध्यक्ष रिशु राज दुबे ने विश्वविद्यालय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संस्थान अब शिक्षा का केंद्र कम और अव्यवस्था का अड्डा ज्यादा बन गया है। उन्होंने बताया कि सत्र 2025-28 के छात्रों से फीस और परीक्षा फॉर्म भरवाए जाने के बावजूद आज तक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई है। वहीं, सत्र 2024-27 के छात्र अपनी परीक्षा देने के महीनों बाद भी रिजल्ट के लिए भटक रहे हैं। रिशु राज ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है और प्रशासन केवल 'जल्द होगा' जैसे खोखले आश्वासनों के सहारे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।

विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए छात्र नेता ने कहा कि बिना किसी निश्चित कैलेंडर के छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि वे आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें या सिर्फ यूनिवर्सिटी के नोटिस का इंतजार करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अविलंब परीक्षा आयोजित करने और लंबित परिणामों को प्रकाशित करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो एनएसयूआई व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करेगी। संगठन की स्पष्ट मांग है कि छात्रों के शैक्षणिक सत्र को नियमित किया जाए और डिजिटल दौर में भी रिजल्ट जारी करने में हो रही इस तरह की गंभीर देरी पर रोक लगाई जाए ताकि छात्रों का कीमती समय बर्बाद न हो।

Post a Comment

और नया पुराने