तिसरा फायरिंग केस: पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, FIR हुई निरस्त


धनबाद: धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह और उनके सहयोगियों के लिए न्यायपालिका से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झारखंड हाई कोर्ट ने तिसरा थाना क्षेत्र में जनता मजदूर संघ (कुंती गुट) के नेता अविनाश सिंह उर्फ सोनू पर हुए जानलेवा हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) को निरस्त कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 10 जनवरी 2023 की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अविनाश सिंह और उनके भाई राहुल सिंह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से जयरामपुर से झरिया की ओर जा रहे थे। राहुल सिंह गाड़ी चला रहे थे और अविनाश बगल वाली सीट पर बैठे थे।

रात लगभग 11:30 बजे, जैसे ही वे तिसरा थाना मोड़ के पास पहुँचे, दूसरी ओर से आई एक गाड़ी ने उनका रास्ता रोका। आरोप था कि एकलव्य सिंह, सत्यम रिटोलिया और इंतखाब अहमद उर्फ राजू खान सहित 6-7 लोगों ने पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में एक गोली गाड़ी के शीशे को चीरती हुई अविनाश सिंह के चेहरे पर लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

हाई कोर्ट का फैसला और आधार

हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान आपसी सुलह-समझौते को मुख्य आधार माना। अदालत ने निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर राहत प्रदान की:
 * FIR निरस्त: कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को देखते हुए दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया।
 * अग्रिम जमानत का पेंच: इससे पहले एकलव्य सिंह की अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके कारण वे पिछले तीन वर्षों से 'भूमिगत' (फरार) चल रहे थे।
 * स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त: इस फैसले के बाद अब एकलव्य सिंह और अन्य आरोपियों के जेल जाने या फरार रहने का संकट टल गया है।

अधिवक्ता का पक्ष

हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता शैलेश सिंह ने जानकारी दी कि यह मामला राहुल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया और आपसी सहमति के बाद अब यह मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है।
> मुख्य बिंदु: > * घटना की तारीख: 10 जनवरी 2023
> * मुख्य आरोपी: पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह
> * पीड़ित: अविनाश सिंह उर्फ सोनू (नेता, जमस कुंती गुट)
> * कोर्ट का आदेश: आपसी समझौते के आधार पर केस खत्म।
 

Post a Comment

और नया पुराने