मेदिनीनगर शहर में आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। पलामू के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री लव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मंगलवार और बुधवार को शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने रेड़मा चौक, रेलवे स्टेशन रोड, बेलावाटिका चौक और गांधी मैदान रोड स्थित गोलगप्पे (गुपचुप) तथा अन्य फास्ट फूड के ठेलों एवं दुकानों की गहन जांच की। जांच के क्रम में गोलगप्पे के मसालों, विशेषकर चोखा और चटनी में हानिकारक औद्योगिक रंगों (इंडस्ट्रियल कलर्स) के उपयोग की पुष्टि हुई, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों को बीमारियों से बचाना है। निरीक्षण के दौरान कुल 30 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के स्टॉक की जांच की गई, जिनमें कई जगहों पर भारी अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करें। उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस अभियान ने शहर के मिलावटखोरों के बीच हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिर्फ मिलावट ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से मास्क, एप्रन और ग्लव्स पहनने तथा स्वच्छ पेयजल के लिए केवल आरओ (RO) जार का इस्तेमाल करने का आदेश दिया है। इस निरीक्षण दल में संजय ठाकुर और राजू रंजन कुमार मुख्य रूप से शामिल थे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि शहर के हर हिस्से में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खान-पान उपलब्ध हो सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और मांग की है कि ऐसे औचक निरीक्षण नियमित अंतराल पर होते रहने चाहिए।
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