पलामू जिले में भगवती अस्पताल के पीछे मिली एक अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड के पीछे अनैतिक कार्यों और पैसों का विवाद मुख्य कारण था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और एफएसएल (FSL) टीम की मदद से पुलिस ने इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों की पहचान की, जिसके बाद रेड़मा थाना क्षेत्र से किराएदार के रूप में रह रही चंदा देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार महिला ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार करते हुए पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी महिला चंदा देवी ने बताया कि वह और उसका पति उपेंद्र कुमार गौतम अवैध रूप से महिलाओं के व्यापार और अनैतिक कार्यों में संलिप्त थे। इसी सिलसिले में 22 अप्रैल 2026 को एक अज्ञात महिला उनके घर आई थी, जिससे मोबाइल और 1000 रुपये के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद छिड़ गया। बहस इतनी बढ़ी कि चंदा देवी और उसके पति ने मिलकर उस महिला की हत्या कर दी और शव को कमरे के अंदर छिपाकर ताला लगा दिया। दो दिनों तक शव को घर में रखने के बाद, 24 अप्रैल की रात को आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से लाश को भगवती अस्पताल के पीछे फेंक दिया। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी पति उपेंद्र कुमार गौतम की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आरोपी उपेंद्र कुमार गौतम का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें आर्म्स एक्ट, अपहरण और पोक्सो (POCSO) एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पहले भी बच्चों की तस्करी और लूट के प्रयास जैसे मामलों में संलिप्त रहा है। इस सफल उद्भेदन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार और उनकी पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब मृतका की शिनाख्त के लिए सीआईजी प्रकाशन सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को अपना रही है ताकि हत्या की शिकार हुई महिला की पहचान स्पष्ट हो सके और फरार अपराधी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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