पलामू जिले के हुसैनाबाद में प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर खिलवाड़ करने वाले एक अवैध निजी क्लीनिक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। पलामू के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कड़े निर्देशों के आलोक में यह कार्रवाई स्थानीय सिद्धनाथ नगर के नबीनगर रोड पर स्थित 'मां चिल्ड्रेन हॉस्पिटल' के खिलाफ की गई। इस औचक निरीक्षण के दौरान हुसैनाबाद अंचलाधिकारी पंकज कुमार और अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजय कुमार रवि ने संयुक्त रूप से अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में सबसे बड़ी अनियमितता यह पाई गई कि अस्पताल बिना किसी वैध सरकारी पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था।
निरीक्षण के क्रम में न केवल कानूनी बल्कि बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी उजागर हुई है। अस्पताल परिसर में गंभीर गंदगी के साथ-साथ बायोमेडिकल कचरे के निपटान और फायर सेफ्टी उपकरणों का पूर्ण अभाव पाया गया। मरीजों और उनके परिजनों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी और मौके पर कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर या आवश्यक चिकित्सा स्टाफ उपस्थित नहीं था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जांच दल को वहां पीलिया से पीड़ित एक नवजात शिशु भर्ती मिला, जबकि उसके इलाज के लिए जरूरी रेडिएंट वार्मर और फोटोथेरेपी मशीन जैसी जीवन रक्षक मशीनें काम ही नहीं कर रही थीं।
प्रशासनिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा इलाज के नाम पर परिजनों से भारी भरकम राशि वसूली जा रही थी, जिसमें एक मामले में ₹15,000 नगद लेने की बात सामने आई है। अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की न तो कोई आधिकारिक सूची उपलब्ध थी और न ही उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिखाए गए। मौके पर महज 17 साल का एक युवक मिला जो खुद को 'सीखने वाला' बताकर काम कर रहा था। अस्पताल में रेट लिस्ट, एम्बुलेंस और शौचालय जैसी बुनियादी सेवाओं की अनुपलब्धता सहित इन तमाम गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
एक टिप्पणी भेजें