मेदिनीनगर: पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने झारखंड की वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद ने राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव को उजागर किया और कहा कि सरकार के भीतर व्याप्त इस विरोधाभासी स्थिति के कारण आम जनता और विशेष रूप से किसान भ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मशीनरी में बड़ी कमियां हैं, जिसका सीधा खामियाजा राज्य के मेहनतकश किसानों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि धान खरीद की प्रक्रिया को लेकर सरकार के अलग-अलग स्तरों पर एक राय नहीं है।
सांसद विष्णु दयाल राम ने विशेष रूप से धान खरीद की समय सीमा का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य के एक मंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से इस अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि विभागीय स्तर पर इस प्रस्ताव को यह कहकर नकार दिया गया कि समय सीमा समाप्त हो चुकी है। सांसद के अनुसार, यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि राज्य सरकार के मंत्रियों और उनके अधीन कार्य करने वाले अधिकारियों के बीच समन्वय पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशैली से न केवल जनता को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि इससे किसानों के हितों पर भी गहरा प्रहार हो रहा है, जो अपनी फसल बेचने के लिए सरकारी स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।
अंत में सांसद ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे अपनी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी असंगत स्थितियां दोबारा पैदा न हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुचारू प्रशासनिक व्यवस्था ही जनता को राहत पहुंचा सकती है, अन्यथा इस प्रकार की विसंगतियां राज्य के विकास में बाधक बनी रहेंगी। उनके अनुसार, सरकार की इस विफलता का सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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