झारखंड के पलामू जिले में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जिले के पाटन प्रखंड स्थित सिमरु उच्च विद्यालय और नौडीहा बाजार प्रखंड के नवुडीह उच्च विद्यालय को अब 'मॉडल स्कूल' के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधिवत रूप से रखी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में पढ़ रहे बच्चों को शहरों जैसी अत्याधुनिक शैक्षिक सुविधाएं और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
यह पूरी परियोजना एचडीएफसी बैंक के सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से संचालित की जा रही है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि इन दोनों विद्यालयों के कायाकल्प पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इन्हें 'स्मार्ट स्कूल' के रूप में तैयार किया जाएगा, जहाँ छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से भी सक्षम बनाया जाएगा। बैंक के अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान आश्वस्त किया कि इन स्कूलों में वह तमाम सुविधाएं होंगी जो एक निजी आधुनिक स्कूल में होती हैं, जिससे ग्रामीण बच्चों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।
इन मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय, खेल के मैदान और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए अलग और आधुनिक शौचालयों का निर्माण भी होगा। पढ़ाई में बिजली की समस्या बाधा न बने, इसके लिए पूरे परिसर में सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस अवसर पर बैंकिंग सेक्टर की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि बैंकों को केवल वित्तीय लाभ तक सीमित न रहकर समाज के शैक्षणिक और बुनियादी विकास में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने शिक्षित नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों का समग्र विकास तभी संभव है जब यहाँ के युवा शिक्षित होकर डॉक्टर, इंजीनियर के साथ-साथ जागरूक जनप्रतिनिधि भी बनें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को समाज और राजनीति में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करें। यह कदम न केवल पलामू बल्कि पूरे झारखंड के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की दिशा में एक प्रेरणादायक शुरुआत मानी जा रही है।
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