मेदिनीनगर में मगही-भोजपुरी भाषा बचाओ अभियान: सहायक अध्यापकों ने भरी हुंकार, सभी पार्टियों का मिला साथ


मेदिनीनगर, पलामू: सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में मगही और भोजपुरी भाषा के संरक्षण को लेकर मेदिनीनगर में एक विशाल धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आंदोलन के माध्यम से स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने अपनी भाषाई पहचान को बचाने के लिए एकजुटता प्रदर्शित की। कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य रूप से बिनोद कुमार तिवारी ने किया, जबकि मंच का संचालन अमलेश कुमार चौरसिया और अनुज दुबे द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में सहायक अध्यापकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर भाषाई अस्मिता की इस लड़ाई को और मजबूती प्रदान की।

धरना स्थल पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पलामू की धरती पर मगही और भोजपुरी भाषा को बचाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है और इसके लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने इस मुद्दे को पलामू के गौरव और मान-सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि वे अंतिम लड़ाई तक जनता के साथ खड़े रहेंगे। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने हेमंत सोरेन सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मगही-भोजपुरी हमारी पहचान है और यदि सरकार ने जल्द ही उचित निर्णय नहीं लिया, तो भाजपा एक उग्र आंदोलन की शुरुआत करेगी।

आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। भाजपा नेता भीष्म चौरसिया, जिला परिषद सदस्य रामलव चौरसिया, कम्युनिस्ट पार्टी के नेता रुचिर तिवारी और समाजसेवी रामनाथ दुबे ने भी अपनी बात रखी और इस अभियान के प्रति अपना पूर्ण समर्थन जताया। बिनोद तिवारी ने आगामी रणनीतियों का खुलासा करते हुए बताया कि भविष्य में मशाल जुलूस और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कचहरी परिसर से शुरू हुआ यह धरना शहर भ्रमण के बाद हेड पोस्ट ऑफिस और पंचमुहान होते हुए छमुहान पर समाप्त हुआ, जिसमें विपुल तिवारी, जनेश्वर सिंह, संजय दुबे और अन्य गणमान्य साथियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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