बोकारो (झारखंड): झारखंड के बोकारो जिले में आठ महीने से लापता एक 18 वर्षीय युवती की हत्या का सनसनीखेज खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अपराधी के साथ सांठगांठ बरतने के आरोप में पिण्ड्राजोरा थाना प्रभारी सहित कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वे न केवल जांच में ढिलाई बरत रहे थे, बल्कि हत्या के मुख्य आरोपी दिनेश महतो के साथ पार्टी करते हुए और दोस्ताना संबंध रखते हुए पाए गए। यह कड़ा कदम बोकारो पुलिस अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक द्वारा झारखंड हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद उठाया गया है, जिससे पूरे राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
घटना का सिलसिला पिछले साल 24 जुलाई से शुरू हुआ था, जब पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र के बामगाछिया गांव की रहने वाली पुष्पा कुमारी लापता हो गई थी। मृतका की मां ने अपनी बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन महीनों तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। निराश होकर मां ने न्याय के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) तक को फटकार लगाई, जिसके बाद बोकारो एसपी ने एसआईटी (SIT) का गठन किया। तकनीकी जांच और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर जब संदेही दिनेश कुमार महतो को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने शादी के दबाव से बचने के लिए युवती की चाकू मारकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक सुनसान इलाके से युवती के कंकाल के 19 टुकड़े, बालों के गुच्छे और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया है। जांच में यह शर्मनाक तथ्य भी सामने आया कि जिस वक्त परिवार न्याय के लिए भटक रहा था, उस दौरान थाने के पुलिसकर्मी आरोपी के साथ लगातार संपर्क में थे और उसके साथ दावतें उड़ा रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों को संरक्षण देने वाले और विभाग की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल सभी 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जबकि मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
न्याय की इस लड़ाई में मृतका के परिवार की दृढ़ता और माननीय न्यायालय के हस्तक्षेप ने एक बार फिर यह साबित किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह अपराधी हो या उसे बचाने वाला वर्दीधारी।
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