रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मरांडी ने खुलासा किया कि अकेले राजधानी रांची में इस योजना के अंतर्गत लगभग 23 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि विभाग के ही एक कर्मचारी ने फर्जी बैंक खातों का जाल बुनकर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी कर ली है, जो सरकारी तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मरांडी ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख और निर्देश के बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। उन्होंने सदन और सार्वजनिक मंच से सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि राज्य में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की जल जीवन मिशन योजनाएं संचालित हैं, ऐसे में जनता को यह जानने का हक है कि केंद्र से मिली कितनी राशि अब तक कहां और किन कार्यों में खर्च की गई है। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इन मामलों ने योजना के मूल उद्देश्य को खतरे में डाल दिया है।
वित्तीय गड़बड़ी के साथ-साथ मरांडी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से गढ़वा जिले के संगाहे में बने एक ओवरहेड वॉटर टैंक का उदाहरण देते हुए बताया कि नवनिर्मित टैंक अभी से ही एक ओर झुक गया है और टेढ़ा हो गया है। स्थिति इतनी भयावह है कि टैंक के गिरने के डर से प्रशासन उसमें पानी भरने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए ताकि जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी बुनियादी ढांचागत विफलताओं को रोका जा सके।
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