मेदिनीनगर: पलामू जिले में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत और वितरण में हो रही अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस ने जिले में गैस की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को कड़ा करने का आदेश दिया है। हाल के दिनों में उपभोक्ताओं द्वारा गैस सिलेंडर प्राप्त करने में आ रही दिक्कतों और वितरण में पारदर्शिता की कमी की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
उपायुक्त ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) और प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष जांच दलों का गठन करें। इन जांच दलों की मुख्य जिम्मेदारी गैस वितरकों के गोदामों का औचक निरीक्षण करना और वहां मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन करना होगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस का वितरण उपभोक्ताओं के बीच सही और पारदर्शी तरीके से हो और कहीं भी स्टॉक की जमाखोरी या कालाबाजारी न की जा सके।
इस आदेश के बाद शनिवार से ही विभिन्न प्रखंडों के आपूर्ति पदाधिकारियों द्वारा गैस एजेंसियों पर छापेमारी और स्टॉक वेरिफिकेशन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि किसी भी गैस एजेंसी या वितरक के पास स्टॉक में अनियमितता पाई जाती है या वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी देखी जाती है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में की गई कार्रवाई की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपायुक्त कार्यालय को सौंपें।
एक टिप्पणी भेजें