नई दिल्ली/मेदिनीनगर: झारखंड के पलामू प्रमंडल के निवासियों के लिए हवाई सेवा का सपना जल्द सच हो सकता है। शुक्रवार (27 मार्च) को लोकसभा के बजट सत्र के दौरान 'शून्य काल' (Zero Hour) में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाई अड्डे के जल्द संचालन का महत्वपूर्ण मामला उठाया।
सांसद ने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए हवाई अड्डे को तुरंत शुरू करने की मांग की।
क्षेत्रीय विकास के लिए 'उड़ान' योजना पर जोर
सांसद राम ने केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS-UDAN) की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना देश के दूरस्थ और अविकसित क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने तर्क दिया कि चियांकी हवाई अड्डे के शुरू होने से न केवल पलामू बल्कि आसपास के क्षेत्रों में:
* आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
* पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
* सामाजिक और बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण
चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि हवाई अड्डे के संचालन में हो रही देरी का मुख्य कारण तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं हैं। सांसद ने बताया कि:
> "राज्य सरकार द्वारा एक विशेष प्रमाणन (Certification) या प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना अभी शेष है। जब तक यह प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक विमान परिचालन की दिशा में अगली कार्रवाई संभव नहीं है।"
> केंद्र से स्पष्टता की मांग
सांसद विष्णु दयाल राम ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे स्पष्ट करें कि राज्य सरकार से किस प्रकार के दस्तावेज या विवरण अपेक्षित हैं। उन्होंने मांग की कि यदि संभव हो, तो मंत्रालय संबंधित निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराए ताकि वे व्यक्तिगत रूप से राज्य सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर इस प्रक्रिया में तेजी ला सकें।
निष्कर्ष:
पलामू की जनता लंबे समय से हवाई सेवा की प्रतीक्षा कर रही है। संसद में इस मुद्दे के उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बेहतर होगा और चियांकी हवाई पट्टी से जल्द ही विमान उड़ान भर सकेंगे।
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