देवघर: झारखंड के सुप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर (बाबा धाम) के दानपात्रों की गिनती के दौरान पहली बार पाकिस्तानी करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन अब इस मामले की जांच में जुट गया है कि यह विदेशी मुद्रा आखिर मंदिर के दानपात्र तक कैसे पहुंची।
प्रमुख बिंदु:
* पाकिस्तानी मुद्रा की बरामदगी: मंदिर प्रांगण स्थित 18 दानपात्रों की गिनती के दौरान कुल 100 पाकिस्तानी करेंसी के नोट प्राप्त हुए हैं। यह पहली बार है जब बाबा मंदिर के दानपात्र से पाकिस्तानी मुद्रा मिली है।
* अन्य विदेशी मुद्राएं: पाकिस्तानी नोटों के साथ-साथ दान में 20 यूरो, 11 डॉलर और 9280 नेपाली नकदी भी मिली है।
* कुल दान राशि: मंदिर प्रशासन की देखरेख में हुई इस गिनती में कुल 32 लाख 14 हजार 245 रुपये दान के रूप में प्राप्त हुए हैं।
आतंकी साजिश की आशंका और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। हाल ही में गाजियाबाद के कौशांबी से गिरफ्तार किए गए संदिग्धों (जिनमें बिहार का नौशाद अली भी शामिल था) से पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि उन्हें बाबा बैद्यनाथ मंदिर की रेकी करने और जीपीएस लोकेशन जुटाने का टास्क दिया गया था।
ऐसे में दानपात्र से पाकिस्तानी करेंसी मिलना इस आशंका को और बल देता है कि मंदिर आतंकियों के निशाने पर हो सकता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने पुष्टि की है कि दानपात्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच खोला गया था और बरामद विदेशी मुद्रा की जांच की जा रही है।
वही, गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
> "बाबा मंदिर के दानपात्र से पाकिस्तानी करेंसी मिलना बेहद गंभीर विषय है। पिछली रेकी की घटनाएं बताती हैं कि मंदिर की सुरक्षा कितनी संवेदनशील है। पिछले सात वर्षों से मंदिर प्रबंधन समिति की एक भी बैठक नहीं हुई है, जो चिंता का विषय है।"
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