पलामू के पांकी में छात्रा की संदिग्ध मौत: आवासीय स्कूल की सुरक्षा और व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पलामू, झारखंड। जिले के पांकी थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक निजी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 6 वर्षीय मासूम छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत छात्रा की पहचान रतनपुर पंचायत के इरगू टोला निवासी जियालाल उरांव की पुत्री अशरती कुमारी के रूप में हुई है। वह पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ पर स्थित बसडीहा के 'चांदो आवासीय छात्रावास' में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस घटना के बाद से न केवल परिजनों में कोहराम मचा है, बल्कि क्षेत्र के निजी स्कूलों और हॉस्टलों की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को छात्रावास में अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे पांकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने बच्ची के स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही बरती। बताया जा रहा है कि जब बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, तब वहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था और केवल सहायक स्टाफ (कंपाउंडर) द्वारा ही उसका प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें घटना की सूचना काफी देर से दी गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

छात्रा की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का तर्क है कि निजी आवासीय विद्यालय मोटी फीस तो वसूलते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और आकस्मिक स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर वहां कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, इस घटना ने अभिभावकों के मन में निजी छात्रावासों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गहरा डर और चिंता पैदा कर दी है।

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