झारखंड में पाकिस्तान से संचालित हो रहा था रंगदारी का खेल; टीटोस बार शूटआउट मामले में 'अकाउंटेंट' अमन का बड़ा खुलासा
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में हाल ही में हुए टीटोस बार शूटआउट मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गिरोह के 'अकाउंटेंट' के रूप में पहचाने जाने वाले अमन की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे रंगदारी और दहशत के नेटवर्क का मास्टरमाइंड प्रिंस खान फिलहाल फर्जी दस्तावेजों के सहारे पाकिस्तान में छिपा हुआ है और वहीं से गिरोह का संचालन कर रहा है।
हत्या की साजिश और वारदात
पुलिस की तफ्तीश के अनुसार, अमन ने स्वीकार किया है कि 1 मार्च को ही हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन उस दिन रेस्टोरेंट बंद होने के कारण हमलावर वापस लौट गए थे। इसके बाद 7 मार्च को दोबारा फायरिंग की गई, जिसमें वेटर मनीष को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। पूछताछ में पता चला है कि बार संचालक द्वारा रंगदारी देने से इनकार करने पर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
सोशल मीडिया और तकनीक का सहारा
आरोपी अमन, जो पलामू के चैनपुर का निवासी और स्नातक का छात्र है, ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क फेसबुक, टेलीग्राम और जंगी ऐप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए चलता है। 2021-22 में सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़ने के बाद, अमन को उसकी शिक्षा के कारण खातों और वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कैसे चलता था रंगदारी का धंधा?
गिरोह ने पूरे झारखंड में व्यापारियों, ठेकेदारों, कोयला कंपनियों, डॉक्टरों और वकीलों से 'छोटे सरकार टैक्स' के नाम पर वसूली का जाल बिछा रखा था।
* वसूली: पिछले दो महीनों में केवल पलामू के एक रिसॉर्ट कर्मचारी से करीब 30 लाख रुपये की रंगदारी वसूली गई।
* लेनदेन: यह पैसा यूपीआई और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता था।
* हथियार: गिरोह ने पहले अमृतसर से हथियार लाने की कोशिश की, लेकिन विफलता के बाद मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से तीन पिस्टल मंगवाई गईं, जिनका इस्तेमाल रांची की वारदातों में किया गया।
नेटवर्क का विस्तार
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और पलामू तक फैला हुआ है। इसमें न केवल पुरुष बल्कि कुछ महिलाओं की संलिप्तता भी सामने आई है। गिरोह के सदस्य जेल के अंदर से भी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। पुलिस अब प्रिंस खान के पाकिस्तान में होने के दावों की गंभीरता से जांच कर रही है और धनबाद में होने वाली एक और बड़ी वारदात की योजना को विफल करने में जुटी है।
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