हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी' (TSPC) से जुड़े 8 अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में किसी बड़ी संभावित आपराधिक घटना की योजना को विफल कर दिया है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए क्षेत्र में सक्रिय थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
पुलिस को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि उग्रवादी संगठन के सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया और संदिग्ध इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई। इसी दौरान उरीमारी ओपी क्षेत्र के कोलियरी इलाके में पुलिस को एक संदिग्ध सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी दिखाई दी। पुलिस की टीम को देखते ही चालक ने गाड़ी मोड़कर तेज रफ्तार से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा करना शुरू किया।
पीछा करने के दौरान उग्रवादियों की अनियंत्रित बोलेरो आसवा और गुडकुवा गांव के बीच सड़क किनारे एक पुल और पेड़ से जा टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली और वाहन में सवार सभी संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने वाहन से 2 इंसास राइफल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, एक देसी पिस्टल और 7 मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील मुंडा, वीरेंद्र मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रविंद्र गंजू उर्फ रिंकू, सत्येंद्र गंजू उर्फ संतु और संजय मुंडा के रूप में हुई है, जो मुख्य रूप से लातेहार और रांची जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
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