मेदिनीनगर स्थित सदर अनुमंडल कार्यालय में शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के निर्माण और संशोधन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना था, ताकि आगामी निर्वाचनों के लिए एक शुद्ध मतदाता डेटाबेस तैयार किया जा सके।
बैठक के दौरान एसडीओ सुलोचना मीणा ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए राजनीतिक दलों को बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलए की भूमिका मतदाता सूची को अद्यतन करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर बीएलओ के साथ समन्वय कर पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने और अपात्र या मृत मतदाताओं के नाम हटाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करते हैं। अधिकारियों ने प्रतिनिधियों को सूचित किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को बीएलए की नियुक्ति हेतु निर्धारित ऑथोराइजेशन फॉर्म बीएलए-1 और बीएलए-2 का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
एसडीओ ने राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र के जागरूक और उसी मतदान केंद्र में पंजीकृत मतदाताओं को ही बीएलए के रूप में नियुक्त करें। इससे क्षेत्रीय स्तर पर मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करना सरल होगा और सूची में होने वाली किसी भी संभावित त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सकेगा। बैठक के अंत में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने निर्वाचन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने और मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस अभियान में प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
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