मेदिनीनगर/लेस्लीगंज: पलामू जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर गांवों तक शनिवार को 1857 की क्रांति के महानायक अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर का 169वां शहादत दिवस अत्यंत गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम नीलांबर-पीतांबरपुर (लेस्लीगंज), पांकी और हेरहंज प्रखंड के सीमांत क्षेत्र स्थित जाजों गांव में आयोजित किया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग अपने वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सांस्कृतिक मेले और पुष्पांजलि का आयोजन
अखिल भारतीय खरवार आदिवासी समाज के नेतृत्व में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम सह मेले में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा क्षेत्र 'नीलांबर-पीतांबर अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इससे पूर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पाहन ने विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की।
नेताओं ने किया नमन
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. शशिभूषण मेहता ने कहा कि नीलांबर और पीतांबर पलामू की माटी के वे सच्चे सपूत थे, जिन्होंने भारत माता की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 1857 के विद्रोह के दौरान इन दोनों भाइयों ने भोक्ता, खरवार और चेरो जाति के जागीरदारों को एकजुट कर ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी थी।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पार्षद चंचला देवी, भाजपा नेत्री लवली गुप्ता और कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समाज के लोगों ने अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से फूल-माला पहनाकर किया।
झारखंडी संस्कृति की झलक
शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखंडी लोक कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाहर से आए कलाकारों ने झारखंडी लोकगीत एवं लोक नृत्य की ऐसी शानदार प्रस्तुति दी कि उपस्थित दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय समिति और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
उपस्थिति
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेता रंजन यादव, रोशन सिंह, यशवंत मेहता, प्रोफेसर बच्चन ठाकुर, अखिल भारतीय आदिवासी समाज के अध्यक्ष करमजीत सिंह समेत दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे। इसके साथ ही मेदिनीनगर सिटी के तालाब परिसर में भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहीदों को याद किया गया।
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