रांची: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर मुखर कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के अंतिम दिन राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार की उदासीनता के खिलाफ 12 मार्च 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद सरकार की ओर से अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पाण्डेय ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा कर्मी लंबे समय से बकाया मानदेय का भुगतान, सेवा नियमितीकरण नीति लागू करने, समान वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत कर्मियों के आश्रितों को सहायता प्रदान करना भी उनकी मुख्य मांगों में शामिल है, लेकिन सरकार ने अब तक इन संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साध रखी है। वहीं, प्रदेश महामंत्री दीपक महतो ने कहा कि संघ ने हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से संवाद की कोशिश की, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैये ने उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक काम पूरी तरह ठप रहेगा, जिससे ग्रामीण विकास की योजनाओं पर गहरा असर पड़ना तय है।
एक टिप्पणी भेजें