पलामू जिले में अवैध खनन और इसके परिवहन पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त (डीसी) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की इस सख्ती का असर अप्रैल महीने में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में साफ देखने को मिला है, जहां खनन और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों में लिप्त माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
अप्रैल माह के आंकड़ों पर गौर करें तो खनन विभाग ने सघन जांच अभियान चलाते हुए 47 वाहनों को जब्त किया है और इन पर कार्रवाई करते हुए 32.48 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने भी नियमों की अनदेखी करने वाले 65 वाहनों पर गाज गिराते हुए 9.62 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रशासन की नजर सिर्फ बालू या पत्थर के अवैध उठाव पर ही नहीं, बल्कि ईंट भट्ठों पर भी है। जिले के 22 ईंट भट्ठों की सघन जांच की गई है और अनियमितता पाए जाने पर सभी को स्पष्टीकरण का नोटिस थमाया गया है। इसके अतिरिक्त, जिले के विभिन्न अंचलों में कार्रवाई करते हुए कुल 40 वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक 7 वाहन हुसैनाबाद अंचल से पकड़े गए हैं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों के खिलाफ जाकर संचालित होने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अवैध परिवहन वाले क्षेत्रों और चेकपोस्टों पर निगरानी बढ़ाने के लिए डीसी ने तत्काल प्रभाव से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस, परिवहन, वन विभाग और अंचल प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ नियमित रूप से संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने को कहा है।
कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कपिल चौधरी ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपनी सक्रियता बढ़ाने और चेकपोस्टों पर सघन चेकिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन की कोई भी सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी होगी, ताकि जिले में अवैध खनन के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।
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