मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शहर के श्री नारायण सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर परिजनों ने मृत बच्चे का इलाज करने और शव सौंपने के बदले अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मृतक की पहचान जेल हाता निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का दावा है कि बच्चा पहले ही दम तोड़ चुका था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसे जीवित बताकर इलाज का नाटक जारी रखा और भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे वसूलते रहे।
पीड़ित परिवार ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि वे अत्यंत गरीब हैं और कर्ज लेकर अपने बच्चे का इलाज कराने आए थे। उनके अनुसार, अस्पताल प्रबंधन अब तक इलाज के नाम पर उनसे कुल 76,000 रुपये की भारी-भरकम राशि ऐंठ चुका है। हद तो तब हो गई जब मौत के बाद शव देने के नाम पर प्रबंधन ने कथित तौर पर 28,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की और भुगतान न होने तक बॉडी देने से इनकार कर दिया। इस लूट-खसोट और अस्पताल की मनमानी से तंग आकर परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर बच्चे के शव को रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अस्पताल के बाहर जारी इस हंगामे के कारण माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रदर्शन कर रहे परिजनों की मांग है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा वसूली गई पूरी राशि वापस की जाए, क्योंकि उनके पास अब घर लौटने तक के पैसे नहीं बचे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से निजी अस्पतालों की लूट पर लगाम लगाने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक परिजनों का धरना जारी था और वे न्याय की गुहार लगा रहे थे। इस मामले ने एक बार फिर निजी चिकित्सा केंद्रों की नैतिकता और व्यावसायिकता पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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