पलामू के उपायुक्त ने मेदिनीनगर स्थित सिंचाई विभाग परिसर में संचालित 'वात्सल्य धाम' बाल गृह का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बाल गृह में रह रहे बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी दैनिक दिनचर्या के साथ-साथ उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के बीच फल, नए कपड़े और विभिन्न प्रकार के खिलौनों का वितरण कर उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताया। उपायुक्त की इस पहल का उद्देश्य इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित करना था।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए उन्हें ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने बाल गृह में लगे टेलीविजन पर केवल नॉलेज आधारित कंटेंट और शैक्षणिक कार्यक्रम दिखाने पर जोर दिया ताकि खेल-खेल में बच्चों का ज्ञान बढ़ सके। इसके साथ ही, उन्होंने बाल गृह की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की बात कही, जिसमें परिसर की नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था और भवन के आवश्यक मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश शामिल है।
बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उपायुक्त ने प्रबंधन को सख्त निर्देश दिया कि सभी बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक और संतुलित आहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाल गृह में रहने वाले बच्चों के पालन-पोषण और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य इन निराश्रित बच्चों को एक सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकें। उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण और सकारात्मक हस्तक्षेप से बाल गृह की व्यवस्थाओं में बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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