मेदिनीनगर, पलामू : सड़क हादसों को कम करने और यातायात नियमों के प्रति आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से पलामू पुलिस ने एक बेहद अनूठी और सराहनीय पहल की है। अक्सर पुलिस को सड़कों पर नियम तोड़ने वालों का चालान काटते हुए देखा जाता है, लेकिन मेदिनीनगर शहर के प्रमुख 'छह मुहान चौक' पर एक अलग ही सकारात्मक नजारा देखने को मिला। यहाँ पुलिस ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों को दंडित करने के बजाय, उन्हें अपनी तरफ से हेलमेट पहनाकर जीवन की सुरक्षा का महत्व समझाया। यह पहल पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह विशेष जागरूकता अभियान यातायात प्रभारी सतेंद्र दुबे और समाजसेवी सफीक अंसारी के कुशल नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान का सबसे खूबसूरत और प्रेरक पहलू यह रहा कि जो जागरूक वाहन चालक पहले से ही हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कर रहे थे, उनका पुलिस द्वारा खास अंदाज में स्वागत किया गया। पुलिसकर्मियों ने ऐसे जिम्मेदार नागरिकों को सम्मानस्वरूप गुलाब का फूल भेंट किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संभवतः यह पहला ऐसा अवसर है जब पुलिस ने लोगों को डराने या जुर्माना वसूलने की जगह हेलमेट देकर और फूल बांटकर जागरूक करने का ऐसा मानवीय प्रयास किया है।
यातायात प्रभारी सतेंद्र दुबे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह वृहद जागरूकता अभियान पलामू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कपिल चौधरी के विशेष निर्देश पर आयोजित किया गया था। इस अभियान को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में समाजसेवी सफीक अंसारी के साथ-साथ यातायात जवान हरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, शीतल प्रजापति और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर कई राहगीर भी उपस्थित रहे जिन्होंने पुलिस की इस कार्यशैली को करीब से देखा।
मौके पर मौजूद लोगों ने पलामू पुलिस की इस पहल की जमकर प्रशंसा की। आम जनता का मानना है कि यदि पुलिस प्रशासन और लोग इसी तरह आपसी समन्वय बनाकर जागरूकता की दिशा में काम करते रहें, तो निश्चित रूप से भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भारी कमी लाई जा सकती है। इस सफल अभियान के माध्यम से पलामू पुलिस ने आम जनमानस को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश भी दिया है कि "हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपना अनमोल जीवन बचाने के लिए पहनें।" पुलिस का यह कदम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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