मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड के पलामू जिले में अपराध की एक रूह कँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से लापता एक व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद किया गया है। पांडू थाना क्षेत्र में शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है। मृतक की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के कवल गांव निवासी जग नारायण यादव के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय सुखी यादव के पुत्र थे। परिजनों ने बताया कि जग नारायण बीते 7 मई को पांडू थाना क्षेत्र के कुलिया गांव में अपने एक रिश्तेदार अयोध्या यादव के घर शादी समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन वहाँ से वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो शनिवार को पांडू थाना पुलिस को बेलहरा से लोमड़ीडीह जाने वाले कच्चे रास्ते के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई।
शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया, जिसे देखकर परिजन रविवार सुबह मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे। वहाँ मौजूद परिजनों ने मृतक के कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर पुष्टि की कि यह शव जग नारायण यादव का ही है। घटना की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपराधियों ने कथित तौर पर जग नारायण की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या की और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसे जलाने का प्रयास भी किया। परिजनों का आरोप है कि पहचान छिपाने के उद्देश्य से अपराधियों ने इस वीभत्स कृत्य को अंजाम दिया है।
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। रविवार को कई वरिष्ठ नेता और समाजसेवी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे, जिनमें राजद पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय पासवान, छतरपुर के राजद अनुमंडल अध्यक्ष लवलेश प्रसाद यादव और वरिष्ठ नेता विश्वनाथ राम गोरा मुख्य रूप से शामिल थे। नेताओं ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और पुलिस प्रशासन से इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग की। फिलहाल पुलिस ने अस्पताल चौकी की देखरेख में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
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