अनुपालन प्रतिवेदन और केंद्रीय जांच रिपोर्ट पर जताई गहरी आपत्ति
विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की समीक्षा के दौरान सांसद वीडी राम ने पाया कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट्स निर्धारित मानकों और प्रारूप के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि प्रतिवेदन हमेशा सटीक, अद्यतन और तथ्यपरक होने चाहिए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने पलामू उपायुक्त को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सांसद ने स्पष्ट किया कि अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई भी विकास योजना लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बीमा योजनाओं और पीएम आवास को लेकर दिए गए कड़े निर्देश
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मुद्रा योजना की अत्यंत धीमी प्रगति पर सांसद ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि केवल कागजों पर लाभुकों का पंजीकरण कर लेना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन योजना के तहत चयनित लाभुकों के नाम सूची से काटे जाने की मिल रही शिकायतों पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। सांसद ने सख्त निर्देश दिए कि जिन योग्य लाभुकों का चयन हो चुका है, उनके भुगतान और आवास निर्माण में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
बिजली, परिवहन और निर्माण कार्यों की कार्यशैली पर उठे सवाल
जिले के अन्य विभागों की समीक्षा करते हुए परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग और नो-एंट्री के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए सांसद ने कहा कि किरायेदार और मकान मालिक के बीच एग्रीमेंट होने के बावजूद, किरायेदार की गलती पर मकान मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना पूरी तरह अनुचित है; इस विसंगति को दूर कर वास्तविक दोषी पर ही कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, भवन निर्माण विभाग और झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जुडको) के तहत चल रही शहरी जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति को असंतोषजनक बताते हुए संबंधित अभियंताओं को कार्य में तेजी लाने और जनप्रतिनिधियों को नियमित अपडेट देने का निर्देश दिया गया।
किसानों का भुगतान और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष जोर
आपूर्ति विभाग की समीक्षा में धान अधिप्राप्ति (Procurement) को लेकर सांसद ने कड़े निर्देश दिए कि किसानों के बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए और इसमें कोई देरी न हो। कृषि, पशुपालन एवं गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं की लाभुक सूची जनप्रतिनिधियों को पहले से उपलब्ध कराने को कहा गया ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में मौजूद वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर ने भी अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए सुझाव दिया कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले उसकी उपयोगिता और प्रासंगिकता का मूल्यांकन जरूर हो। उन्होंने डीपीआर (DPR) के अनुरूप निर्माण कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में मौजूद रहे जिले के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि
समाहरणालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में दिशा समिति के अध्यक्ष और सांसद श्री विष्णु दयाल राम के अलावा डालटनगंज के विधायक श्री आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक श्री नरेश प्रसाद सिंह, पलामू उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चौधरी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इस समीक्षा बैठक का हिस्सा बने। अंत में उपायुक्त को भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की अलग से समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया।

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