झारखंड के लातेहार जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बरवाडीह प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लुहूर में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। स्कूल परिसर में जब बच्चे रोजाना की तरह मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) कर रहे थे, तभी बरामदे का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित हादसे की चपेट में आने से छह मासूम बच्चे घायल हो गए हैं। मलबे के नीचे दबने से बच्चों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद स्कूल कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रियता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायल बच्चों को मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों के अनुसार, घायल छह बच्चों में से दो छात्राओं की हालत काफी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
हादसे की जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलकेश्वरी यादव ने बताया कि स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 2004 में हुआ था और लंबे समय से भवन का यह हिस्सा काफी जर्जर अवस्था में था। इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी स्कूलों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि जर्जर भवन की जानकारी होने के बावजूद समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिसका खामियाजा आज मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी जर्जर स्कूल भवनों का अविलंब ऑडिट कराया जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भवन के गिरने के तकनीकी कारणों और विभागीय लापरवाही की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक और रोष का माहौल है। ग्रामीण एकजुट होकर अब जर्जर स्कूलों की मरम्मत और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी अनहोनी को रोका जा सके।
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