पलामू प्रमंडल में बढ़ते जमीन विवाद और उससे जुड़ी हिंसक आपराधिक वारदातों पर लगाम कसने के लिए झारखंड पुलिस ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल के कड़े निर्देश पर प्रमंडल के तीन जिलों पलामू, गढ़वा और लातेहार में सक्रिय जमीन माफियाओं और संदिग्ध कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत कुल 180 ऐसे लोगों की एक विस्तृत सूची तैयार की है, जिन पर जमीन पर अवैध कब्जा करने, फर्जीवाड़ा करने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई की भनक लगते ही पूरे प्रमंडल के भू-माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस धरपकड़ अभियान को सटीक और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई सूची को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में उन आदतन अपराधियों और माफियाओं को रखा गया है जिनके खिलाफ पिछले दस वर्षों के दौरान थानों में दो से अधिक मामले या शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। वहीं, दूसरी श्रेणी में उन संदिग्धों को शामिल किया गया है जिनके खिलाफ पुलिस और प्रशासन को जमीन हड़पने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। एक बड़े डिजिटल न्यूज पोर्टल द्वारा प्रसारित खबर के आंकड़ों पर गौर करें तो, पुलिस ने पलामू जिले में 42, गढ़वा में 31 और लातेहार में 43 ऐसे लोगों की सटीक पहचान की है जो बार-बार ऐसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं।
इस वृहद कार्रवाई के तहत सभी जिलों के दागी चेहरों को चिन्हित कर लिया गया है। पलामू जिले की सूची में संतोष गुप्ता, विकास गुप्ता, हारुण खान, दीपक गुप्ता जैसे नाम शामिल हैं जिन पर दो से अधिक शिकायतें हैं। इनके अलावा मनोज, आदिल खान, प्रणय कुमार, विशाल शुक्ला, अवधेश शुक्ला, राजू केसरी और सतीश केसरी जैसे कई अन्य नाम भी रडार पर हैं। गढ़वा जिले की बात करें तो वहां शिवनारायण चौधरी, नवाजिश अंसारी, उदय शेख, कृष्णा, अनिल पासवान, अनिल शर्मा, श्याम शर्मा और मदन चंद्रवंशी के साथ-साथ रजनीकांत, रमेश चौबे, विक्की चौबे और दरोगा यादव जैसे लोगों के खिलाफ भी लगातार शिकायतें मिलने की पुष्टि हुई है। लातेहार जिले में भी मोहन प्रसाद, शंकर प्रसाद, अयूब खान, अरविंद कुमार, सुमित कुमार, मनव्वर खान, परवेज खान, जावेद खान और बहादुर उरांव समेत कई अन्य लोगों को सूची में डालकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की रणनीति बनाई जा रही है।
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ महीनों में पलामू प्रमंडल के भीतर हुई कई बड़ी आपराधिक घटनाओं की जड़ में मुख्य रूप से जमीन विवाद ही सामने आया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों से ऐसे लोगों की सूची मांगी गई थी। पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन कारोबार से जुड़े इन सभी संदिग्ध लोगों की संपत्तियों का विस्तृत आकलन भी करेगी। जांच के दौरान जिन भी लोगों का संबंध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आपराधिक गतिविधियों से पाया जाएगा, उनकी संपत्ति की गहन जांच कर बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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