झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत मेदिनीनगर शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली पांकी रोड की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों का धैर्य अब जवाब दे गया है। शहर की इस सबसे व्यस्त सड़क पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों ने राहगीरों का चलना दूभर कर दिया है, जिसके विरोध में जेएमएम नेता सन्नी शुक्ला के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो पांकी रोड को पूरी तरह जाम कर आवागमन ठप कर दिया जाएगा। इस सड़क की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ जीएलए कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और कई बड़े अस्पताल स्थित हैं, फिर भी लंबे समय से इसकी उपेक्षा की जा रही है।
सड़क की दुर्दशा का आलम यह है कि खासकर चरकी भट्ठा क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। प्रशासन की उदासीनता से तंग आकर स्थानीय निवासियों ने खुद ही मिट्टी और पत्थर डालकर गड्ढों को भरने का प्रयास किया है, लेकिन यह अस्थायी समाधान हादसों को रोकने में नाकाफी साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि पलामू के सबसे बड़े शहर में गड्ढे ही अब नगर निगम की पहचान बन गए हैं और शायद अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनआक्रोश को देखते हुए यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गरमा गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई सड़क की तस्वीरों और जनभावनाओं का संज्ञान लेते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया है। मुख्यमंत्री ने सन्नी शुक्ला के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पलामू उपायुक्त (DC Palamu) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि इस समस्या का तत्काल संज्ञान लें और जिले के ऐसे तमाम संवेदनशील मुद्दों पर पैनी नजर बनाए रखें ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि पांकी रोड के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द ही युद्ध स्तर पर शुरू होगा।
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