राँची। झारखंड की राजधानी राँची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान आज राजनीतिक सरगर्मी और महिलाओं की हुंकार का गवाह बना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित 'महिला आक्रोश मार्च' में महिलाओं का भारी हुजूम उमड़ा, जहाँ कांग्रेस, झामुमो और विपक्षी 'इंडी' गठबंधन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेत्री अरूणा शंकर ने राज्य सरकार और विपक्षी गठबंधन पर महिला विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश महिला सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर 'इंडी' गठबंधन के घटक दल महिला आरक्षण का विरोध कर आधी आबादी को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
विरोध मार्च के दौरान मीडिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अरूणा शंकर ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था और महिलाओं के प्रति विपक्षी दलों के रवैये पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश और राज्य की नारी जाग चुकी है और अपनी चुप्पी तोड़कर अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आई है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और गठबंधन सरकार की विफलता को उजागर किया। इस अवसर पर अरूणा शंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहु, संजय सेठ और अन्नपूर्णा देवी जैसे प्रमुख नेताओं को टैग करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि भाजपा नारी शक्ति के सम्मान और उनके हक की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुँचाने के लिए संकल्पित है। यह प्रदर्शन न केवल राजनीतिक विरोध था, बल्कि राज्य की महिलाओं की उस सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन था जो अब अपने हक को हासिल करना जानती हैं।
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