पलामू प्रशासन की नई पहल: अब हर बुधवार 'जन समाधान शिविर' में होगा शिकायतों का तुरंत निपटारा


मेदिनीनगर (पलामू): जिले के नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक नई और पारदर्शी पहल की शुरुआत की है। प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के अनुसार, अब प्रत्येक बुधवार को सुबह 11 बजे से "जन समाधान शिविर" का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों की शिकायतों को सुनना और यथासंभव मौके पर ही उनका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी और जवाबदेही लाई जा सके।

उपायुक्त ने कलेक्ट्रेट में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह शिविर तब तक निरंतर जारी रहेगा जब तक कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुन नहीं लिया जाता। प्रशासन का यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित होगा जिन्हें अपनी जायज मांगों या छोटी-मोटी शिकायतों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। शिविर में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे, जिससे समस्याओं के निस्तारण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और विभागीय समन्वय बेहतर होगा।

निवारण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक सख्त समय-सीमा भी निर्धारित की है। उपायुक्त के अनुसार, हर शिकायत की प्रकृति के आधार पर उसके समाधान के लिए एक निश्चित अवधि तय की जाएगी। इसके अलावा, इस पूरी व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए एक महीने बाद इसकी व्यापक समीक्षा की जाएगी। यदि इस दौरान किसी भी स्तर पर अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही या कार्य में सुस्ती पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि प्रशासनिक स्तर पर हल होने योग्य मामलों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द सुलझाया जाए।

कानूनी और तकनीकी पेचीदगियों के संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन के विवाद या अन्य ऐसे मामले जिनका समाधान केवल सक्षम न्यायालय के माध्यम से ही संभव है, उन्हें प्रशासन अनावश्यक रूप से अपने स्तर पर लंबित नहीं रखेगा। ऐसे मामलों में आवेदकों को सही मार्गदर्शन देते हुए सीधे संबंधित न्यायालय में जाने की सलाह दी जाएगी ताकि उनका समय नष्ट न हो। पलामू प्रशासन की इस सक्रिय पहल को क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे आम जनता और शासन के बीच की दूरी कम होने की उम्मीद है।

Post a Comment

और नया पुराने