पलामू पुलिस ने मेदिनीनगर शहर के हृदय स्थल में हुए सनसनीखेज मोहम्मद समीर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के कुशल निर्देशन में की गई इस त्वरित कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य शूटर और इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि यह वारदात बस स्टैंड रोड स्थित शताब्दी मार्केट के राजा बस कार्यालय में हुई थी, जहां मोहम्मद समीर उर्फ गुड्डू खलीफा की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे जमीन विवाद के कारण सुपारी देकर अंजाम दिया गया था।
इस मामले की जांच तब एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई जब एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम को मुख्य आरोपी फैज खान के पांकी थाना क्षेत्र के टड्या गांव में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस की छापेमारी के दौरान अपराधियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में फैज खान के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए एमएमसीएच में भर्ती कराया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से फैज के साथ आदर्श कुमार उर्फ धोनी और तारिक शाह को भी दबोच लिया। इनके पास से दो देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और सुपारी की रकम में से 39,400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
हत्याकांड की तह तक जाने पर पता चला कि इस पूरी घटना की जड़ में इजराइल आजाद उर्फ मिंटू के साथ चल रहा पुराना जमीन विवाद था। इस विवाद को खत्म करने के लिए मिंटू और उसके सहयोगी शहजाद आलम उर्फ विक्की लाइन ने फैज खान को हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। जांच को गुमराह करने के इरादे से मिंटू ने शुरुआत में पुलिस के सामने झूठा बयान भी दर्ज कराया था, लेकिन पुलिसिया पूछताछ और साक्ष्यों के सामने उसकी साजिश टिक न सकी और अंततः विक्की लाइन और मिंटू दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उन पर रंगदारी व आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सभी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और अब उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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