विनीत तिवारी की हत्या से पलामू में आक्रोश: आशीष भारद्वाज ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, कहा- 90 के दशक की याद दिला रही हैं घटनाएँ


पलामू। पलामू में विनीत तिवारी की निर्मम हत्या के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व आशीष भारद्वाज ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने विनीत तिवारी की हत्या को पलामू की शांति के लिए एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि जिस तरह से पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रही है, उससे आम आदमी के मन में अपनी सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा हो गया है। अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है, जिससे लोग अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

आशीष भारद्वाज ने राज्य की कानून-व्यवस्था की आलोचना करते हुए इसे 'जंगलराज' जैसी स्थिति करार दिया है। उन्होंने कहा कि पलामू में जिस तरह से लगातार आपराधिक घटनाएं घट रही हैं, वे 90 के दशक के काले दौर की याद दिला रही हैं, जब अपराध चरम पर था। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन से पूछा कि आखिर आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए किसकी ओर उम्मीद भरी नजरों से देखेगा। झारखंड में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी उनके कर्तव्यबोध की याद दिलाई और मांग की कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अब जागना होगा ताकि राज्य में कानून का राज स्थापित हो सके।

विनीत तिवारी की हत्या ने न केवल एक परिवार को उजाड़ा है, बल्कि पूरे शहर और जिले के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। आशीष भारद्वाज ने अपनी भावुक पोस्ट में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए न्याय की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अपराधियों के मनसूबे इसी तरह बढ़ते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही, तो स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है। इस घटना ने एक बार फिर पलामू पुलिस की सतर्कता और अपराध नियंत्रण के दावों की पोल खोल दी है, जिससे जनता के बीच भारी असंतोष व्याप्त है।

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