बोकारो/नई दिल्ली:
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। कंपनी प्रबंधन ने लागत नियंत्रण और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से 22,000 ठेका श्रमिकों (Contract Workers) की संख्या कम करने का एक बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही, सेल बोर्ड ने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) को भी हरी झंडी दे दी है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रोडमैप तैयार
नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए प्रस्तावित इस योजना के तहत सेल की सभी इकाइयों में कार्यरत वर्तमान मैनपावर में से 20 प्रतिशत ठेका श्रमिकों की कटौती की जाएगी। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी।
छंटनी का चरणबद्ध कार्यक्रम:
* 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026: 10 प्रतिशत कटौती।
* 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026: 5 प्रतिशत कटौती।
* 1 जनवरी से 31 मार्च 2027: शेष 5 प्रतिशत कटौती।
वर्तमान में पूरे सेल में लगभग 1 लाख 10 हजार ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से 22 हजार श्रमिकों को कम किया जाएगा। अकेले बोकारो इस्पात संयंत्र से लगभग 5,000 ठेका श्रमिक इस फैसले से प्रभावित होंगे।
अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा: VRS योजना लागू
केवल ठेका श्रमिक ही नहीं, बल्कि कंपनी अब नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या में भी कटौती करने जा रही है। 17 मार्च को हुई सेल बोर्ड की बैठक में VRS योजना को मंजूरी दी गई है।
* प्राथमिकता: प्रबंधन का पहला ध्यान उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर है जो शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद सेवा में बने हुए हैं।
* मेडिकल फिटनेस: जो कर्मचारी स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति नहीं लेंगे, उन्हें डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट लानी होगी और सामान्य कर्मियों की तरह विभागीय कामकाज करना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
प्रबंधन का तर्क है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य 'बहु-कौशल योजना' (Multi-Skilling) को बढ़ावा देना है। जो श्रमिक कार्यरत रहेंगे, उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपने मूल कार्य के अलावा अन्य गतिविधियों में भी सहयोग कर सकें। इससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सेल प्रबंधन ने साल 2030 तक 35.65 मिलियन टन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान क्षमता से लगभग दोगुना है। आधुनिकीकरण और विस्तार के इस दौर में कंपनी अपनी उत्पादन लागत घटाने के लिए 'मैनपावर' के पुनर्गठन पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है।
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